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Friday, December 12, 2025

116 साल पुरानी है बलियापुर में दुर्गोत्सव, तत्कालीन जमींदार लाला गंगा शरण के परिजनों ने की थी पूजा शुरू

 

धनबाद : बलियापुर में 116:साल से दुर्गा पूजा होते आ रहा है। वहीं विजयादशमी के मौके पर बलियापुर दुर्गा मंदिर प्रांगण में 38 वर्षों से रावण दहन का भी आयोजन किया जाता रहा है। जानकारो के अनुसार बांग्ला वर्ष 1316 (1909) को बलियापुर में दुर्गा पूजा की शुरुआत बलियापुर के तत्कालीन जमींदार लाला गंगा शरण , लाला लक्ष्मीकांत शरण के परिवारों ने बलियापुर के तत्कालीन गन्य मान्य लोगों को साथ लेकर दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी । शुरुआत में झोपड़ी नुमा मंदिर में देवी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जाती थी। समय के साथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य भी होता रहा। शुरुआत में बलियापुर के नंदलाल दत्ता, हरि महतो, मधु महतो आदि पूजा कार्यक्रम को संपन्न कराने में सक्रिय रहा करते थे। 1956 में जमींदारी प्रथा समाप्त होने के बाद दुर्गा पूजा की जिम्मेवारी बलियापुर के 16 आना कमेटी को आ गई और तब से पूजा कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी बलियापुर का पुनर्गठन होते रहा। इस वर्ष दुर्गा पूजा कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए पूजा कमेटी के अध्यक्ष धीरजू महतो, सचिव रुपेश भंडारी, कोषाध्यक्ष राजेश भंडारी के अलावे आकाश रजक, सुजीत कुंभकार, बूकेश महतो, बाटुल मोदी समेत बलियापुर के बाबूलाल धीवार, कीनू धीवार, अंकुर महतो, कमल भंडारी, आशीष महतो, स्वप्न कुमार महतो आदि सक्रिय हैं। बलियापुर में रावण दहन कार्यक्रम की शुरुआत करने का श्रेय बलियापुर के दिवंगत समाजसेवी राकेश ग्रोवर, कल्याण कुमार भट्टाचार्य, गिरधारी लाल अग्रवाल, मोहन लाला, शिव रतन अग्रवाल आदि को जाता है।

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