125 units free electricity: भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सैय्यद शाहनवाज हुसैन अपने एक दिवसीय दौरे पर गया पहुँचे। उनके आगमन को लेकर परिसदन भवन में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस और राजद पर जमकर हमला बोला।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार सरकार ने जो 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी है, उसके बाद राजद और कांग्रेस की “बत्ती गुल” हो गई है। उन्होंने पेंशन बढ़ाने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिए गए हैं, ऐसे में राजद के जितने विधायक हैं वे सभी पेंशन पर चले जाएंगे।
पूर्व मंत्री ने राहुल गांधी की यात्रा को पूरी तरह फ्लॉप बताते हुए कहा कि इसमें आम जनता की भागीदारी नहीं है। “बरसात का बहाना बनाकर नेता सफाई दे रहे हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं के अलावा कोई आम लोग इसमें शामिल नहीं हो रहे।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव आयोग की मर्यादा तोड़ रहे हैं और आयोग को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने तथ्यों के साथ जवाब दिया है, इसलिए राहुल गांधी को माफी माँग लेनी चाहिए। लेकिन वे लगातार भ्रम पैदा कर रहे हैं। एक तरफ तेजस्वी यादव चुनाव का बहिष्कार करने की बात करते हैं, दूसरी तरफ वोट पाने के लिए यात्रा निकालते हैं। यह “वोट अधिकार” नहीं बल्कि “सत्ता अधिकार यात्रा” है, जिसे बिहार की जनता स्वीकार करने वाली नहीं है।
शाहनवाज हुसैन ने विपक्ष की रैलियों और यात्राओं पर तंज कसते हुए कहा कि ये केवल भीड़ जुटाकर मतदाताओं को गुमराह करने का प्रयास है। “सर्कस में लोग जोकर को देखने जाते हैं, क्योंकि उनका मनोरंजन होता है। उसी तरह लोग देखने जाते हैं कि अब ये क्या बोलेंगे।” उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इनके सिस्टम को पहले ही नकार चुकी है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जंगलराज के 15 साल में वह बराबर की भागीदार रही है। “जब जीत जाते हैं तो ईवीएम अच्छा होता है और जब हार जाते हैं तो ईवीएम खराब हो जाता है। मीठा-मीठा गप गप और तीखा-तीखा थू थू वाली राजनीति अब नहीं चलेगी।”
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस को घेरा और कहा कि यह बेहद दुखद है। “आज वही कांग्रेस संविधान लहरा रही है जिसने बाबू जगजीवन राम का अपमान किया और बाबा साहब अंबेडकर को संसद में हरवाने का काम किया। इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना को बदलकर उसमें सेक्युलरिज्म जोड़ा। क्या बाबा साहब अंबेडकर खुद यह शब्द नहीं लिख सकते थे?”
तेजस्वी यादव के “वोट चोर” बयान पर शाहनवाज ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “तेजस्वी यादव का चोर शब्द से इतना लगाव क्यों है? हम तो चारा चोरी और अलकतरा चोरी सुन चुके थे, अब वोट चोरी क्या है? महागठबंधन इस शब्द से इतना मोहब्बत क्यों करता है, यह भाजपा जानना चाहती है।”
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