धनबाद। 40 वर्षों से अधिक समय से धनबाद की पहचान रहा मधुलिका स्वीट्स (Madhulika Sweets) हमेशा के लिए बंद हो गया है। मिठाई की इस प्रतिष्ठित दुकान के मालिक जयप्रकाश चौरसिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपने सभी पाँचों आउटलेट्स बंद करने की घोषणा की है, साथ ही व्यापार बंद करने के पीछे “ब्यूरोक्रेसी की मनमानी” और “चौतरफा दबाव” जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
यह फैसला तब आया जब बोकारो के पास स्थित उनका एक आउटलेट पिछले महीने ही बंद हो चुका था।
पांच आउटलेट्स पर लटके ताले, 40 साल पुराना ब्रांड खत्म
मधुलिका स्वीट्स के बंद होने से शहर के मिठाई प्रेमियों में निराशा है।
धनबाद में इसके सभी पाँच आउटलेट्स में बैंक मोड़, सरायढेला, हीरापुर, मेमको मोड़ और हाउसिंग कॉलोनी पर ताले लग गए हैं।
जयप्रकाश चौरसिया ने बताया कि धनबाद में अब फ़ूड का बिज़नेस करना सरल नहीं रहा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनका पूरा भुगतान (पेमेंट) देकर छुट्टी दे दी गई है।
‘कीड़ा निकालने’ और ‘मिठाई खट्टी’ होने की बात कहकर बनाया जाता था निशाना
मालिक जयप्रकाश चौरसिया ने अपने बयान में अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लगातार टारगेट किया जा रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया:
“कभी खाने में कीड़ा निकालने की बात कहकर, तो कभी मिठाई खट्टी होने की बात कहकर हमें निशाना बनाया जाता था।”
उन्होंने कहा कि वह खुलकर बहुत कुछ नहीं बोल सकते, लेकिन चौतरफा दबाव इतना बढ़ गया था कि अब धनबाद में व्यापार करना असंभव हो गया है।
उन्होंने सीधे तौर पर ब्यूरोक्रेसी (अफसरशाही) के हावी होने और व्यवसाय में लगातार मुश्किलें पैदा करने को आउटलेट्स बंद करने का मुख्य कारण बताया।
मधुलिका स्वीट्स धनबाद के लिए सिर्फ एक दुकान नहीं थी, बल्कि यह 40 साल पुराना एक ब्रांड नेम था, जिसका इस तरह बंद हो जाना शहर के व्यापारिक माहौल पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

