नई दिल्ली : श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने ऐसी भयावह तबाही मचाई है कि पूरा देश दहशत में है। तेज़ हवाओं, भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। हालात बेकाबू होते देख राष्ट्रपति ने पूरे देश में आपातकाल (इमरजेंसी) लागू कर दी है।
सरकारी एजेंसियों के अनुसार, अब तक 193 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 176 लोग लापता हैं। तूफान की भीषण मार के कारण 25,000 से अधिक घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। कई इलाके ऐसे हैं जहां बस्तियां मानो नक्शे से मिट गई हों।
तबाही का मंजर—हर तरफ बर्बादी की तस्वीरें
चक्रवात दितवाह ने श्रीलंका के इंफ्रास्ट्रक्चर को लगभग ठप कर दिया है।
✔ सड़कें कट गईं
✔ कई पुल बह गए
✔ रेल लाइनें टूट चुकी हैं
✔ पावर ग्रिड धराशायी
✔ भूस्खलन से गांव के गांव मिट्टी में समाए
बचाव दल और सेना के जवान लगातार मलबा हटाकर लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई इलाकों में पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।
क्यों लागू करनी पड़ी इमरजेंसी?
हालात लगातार बिगड़ते देख सरकार को देशव्यापी इमरजेंसी लागू करनी पड़ी।
इससे राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों के लिए विशेष शक्तियां मिल गई हैं।
थल सेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों मोर्चों की टीमें युद्धस्तर पर राहत कार्यों में जुटी हैं।
डरावने आंकड़े—7.7 लाख लोग प्रभावित
आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार:
25,000+ घर नष्ट
78,000 लोग राहत शिविरों में
7,74,724 लोग कुल प्रभावित
25 जिलों में तबाही
यह आपदा श्रीलंका के इतिहास की सबसे विनाशकारी घटनाओं में से एक बनती जा रही है।
भारत में भी बढ़ा खतरा—तटीय राज्यों में अलर्ट
चक्रवात दितवाह का असर अब भारत की ओर बढ़ रहा है।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में:
अलर्ट जारी
NDRF टीमें तैनात
समुद्र में ऊँची लहरों की चेतावनी
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

