धनबाद: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद के भौतिकी विभाग में “वाइड बैंड गैप सेमीकंडक्टर्स फॉर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय वर्कशॉप की शुरुआत आज हुई।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF), भारत सरकार द्वारा एसएसआर (SSR) गतिविधियों के तहत प्रायोजित है। आयोजन संस्थान के रमन हॉल, अकैडमिक कॉम्प्लेक्स की पाँचवीं मंज़िल पर किया जा रहा है।
वर्कशॉप का उद्घाटन सुबह 9:30 बजे हुआ, जिसमें देशभर के विभिन्न संस्थानों से आए वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, प्रोफेसरों और छात्रों ने भाग लिया।
इस वर्कशॉप का उद्देश्य वाइड बैंडगैप और अल्ट्रा-वाइड बैंडगैप सेमीकंडक्टर तकनीक पर शोध, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना है, जो भविष्य की हाई-पावर व हाई-फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. वीनीत कुमार राय ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले पाँच वर्षों में विभाग ने 700 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया है।
उन्होंने कहा कि “सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रयोगात्मक और व्यावहारिक अनुभव आज के युग में अत्यावश्यक हैं।”
वर्कशॉप के मुख्य वक्ता डॉ. के. अशोककन, पूर्व वैज्ञानिक-एच, IUAC नई दिल्ली एवं वर्तमान में प्रोफेसर (UPES देहरादून), ने तेजी से बदलती सेमीकंडक्टर तकनीक पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने बताया कि वाइड बैंडगैप और अल्ट्रा-वाइड बैंडगैप सामग्रियाँ ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, उच्च तापमान पर संचालन और तेज संचार प्रणालियों के विकास में अहम भूमिका निभाएँगी।
इसके अलावा, डॉ. एम. सेंथिल कुमार, सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट, सीएसआईआर-एनपीएल नई दिल्ली, ने कहा कि “किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की गुणवत्ता का निर्धारण सही सेमीकंडक्टर सामग्री और सटीक तकनीक से होता है।”
उन्होंने शोध में नवाचार, सहयोग और व्यावहारिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे भारत की तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास दोनों को गति मिलेगी।
यह वर्कशॉप छात्रों और शोधार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी, जहाँ वे नई तकनीकी अवधारणाओं को समझने और अनुसंधान के नए आयामों से जुड़ने का मौका पाएंगे।

