स्थान: धनबाद, झारखंड
झारखंड कर विभाग ने मनीष इंटरप्राइजेज नाम की एक फर्जी कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस कंपनी ने केवल 2–3 हफ्तों में ₹214 करोड़ का टर्नओवर दिखा दिया और करीब ₹39 करोड़ का GST टैक्स जमा नहीं किया।
🔍 कैसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा? | How Was the Fraud Detected?
कंपनी का GST रजिस्ट्रेशन राजकुमार सिंह के नाम पर था।
पता दिया गया था: तेतुलिया, निरसा (धनबाद)
जांच में सामने आया कि उस पते पर कोई कंपनी मौजूद ही नहीं थी।
मकान मालिक ने किराए या कंपनी संचालन से साफ इनकार किया और रेंट एग्रीमेंट को फर्जी बताया।
⚡ विभाग की कार्रवाई | Department’s Action
कंपनी का Input Tax Credit (ITC) तुरंत रोक दिया गया।
बैंक अकाउंट, ई-वे बिल और दस्तावेजों की गहन जांच जारी।
जिन-जिन के नाम पर ई-वे बिल बने हैं, सभी को नोटिस भेजा जा रहा है।
🕵️♂️ नेटवर्क की जांच | Network Under Scanner
अधिकारियों को शक है कि बड़े स्तर पर फर्जी ई-वे बिल बनाकर सिर्फ कागजों पर कारोबार दिखाया गया, ताकि गलत तरीके से ITC लेने की तैयारी थी।
यह मामला झारखंड का एक बड़ा GST फर्जीवाड़ा बनता जा रहा है। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

