प्रयागराज के इलाहाबाद उत्तर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची मिलान के लिए BLO को दी गई है, लेकिन कई मकान नंबरों में असामान्य संख्या में नाम दर्ज हैं।
एक मकान में 300 से ज्यादा नाम
भाग संख्या 269 के मकान नंबर 7 में 302 नाम दर्ज मिले हैं।
वहीं भाग संख्या 271 के मकान नंबर 27 में 131 लोगों के नाम दर्ज पाए गए।
BLO के मुताबिक, एक साधारण मकान में 4–5 लोग या संयुक्त परिवार में अधिकतम 10–20 लोग रहते हैं। लेकिन एक ही मकान में सैकड़ों लोगों के नाम दर्ज होना उनकी सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
झुग्गी-झोपड़ी में 518 लोगों का रिकॉर्ड
एक अन्य मकान नंबर पर सिर्फ “झुग्गी-झोपड़ी” लिखा है, जिसके तहत 518 लोग दर्ज हैं।
BLO का कहना है कि गरीब परिवारों के पास पक्का मकान नहीं था, इसलिए उस समय उन्हें झुग्गी-झोपड़ी के नाम पर दर्ज कर दिया गया। लेकिन अब 22 साल बाद उन लोगों का पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया है।
नाम खोजने में मुश्किलें
कई मकानों पर सिर्फ “हनुमान” और “बजरंग” जैसे नाम लिखे हैं, और उनमें भी 50–100 लोग दर्ज हैं।
इससे BLO को यह समझने में दिक्कत हो रही है कि ये मकान किस इलाके में थे और उन लोगों को कहाँ खोजा जाए।
DM के निर्देश: सुपरवाइजर खुद मौके पर जाएं
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सभी ERO और ARO को निर्देश दिया है कि वे सिर्फ BLO पर निर्भर न रहें।
उन्होंने कहा:
सुपरवाइजर खुद बूथों पर जाएं
BLO की समस्याओं का समाधान तुरंत कराएं
गणना प्रपत्रों का डिजिटलाइजेशन समय पर पूरा करें
डीएम ने साफ कहा कि प्रपत्र जमा करना सिर्फ BLO की जिम्मेदारी नहीं है। अधिकारियों को भी मौके पर जाकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

