झारखंड राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब किसानों को कृषि लोन के लिए न बैंक की लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा, न ही बार-बार चक्कर लगाने पड़ेंगे। राज्य में किसानों को ई-केसीसी (E-Kisan Credit Card) पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ही लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
किसानों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर नाबार्ड, झारखंड स्टेट कॉपरेटिव बैंक (JSCB) और सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक, धनबाद के बीच एक त्रिपक्षीय एमओयू साइन किया गया है। इसकी पुष्टि कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीक की उपस्थिति में हुई।
तीन से चार दिन में लोन सीधे खाते में
ई-केसीसी पोर्टल के जरिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी। आवेदन पास होने पर 3–4 दिनों में ही लोन की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
नाबार्ड द्वारा 24×7 मनीवर्क्स कंसल्टिंग के सहयोग से तैयार यह पोर्टल ग्रामीण सहकारी बैंक (RCB) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा
ई-केसीसी पोर्टल पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है। इसके जरिए किसान और बैंक दोनों यह देख सकेंगे कि—
आवेदन किस चरण में है?
कितने आवेदन पेंडिंग हैं?
कितने स्वीकृत हुए?
पेंडिंग की वजह क्या है?
स्केल ऑफ फाइनेंस कितना है?
इसके साथ ही लोन की पेमेन्ट डेट पर अलर्ट, और डिफॉल्ट होने पर रिकवरी अलर्ट भी आसानी से दिया जा सकेगा।
बिचौलियों व कटौती से मुक्ति
इस पोर्टल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को स्वीकृत पूरी राशि मिलेगी। फिलहाल लोन वितरण के दौरान
बैंक कम राशि देते हैं,
बिचौलिये कमीशन ले लेते हैं,
किसान समय पर लोन नहीं चुका पाते।
अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से किसानों को इन समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।

