पटना:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने शानदार बढ़त हासिल की है, लेकिन कई सीटों पर बेहद कड़े मुकाबले देखने को मिले। भाजपा ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिनमें से 12 उम्मीदवार बेहद कम अंतर से हार गए। दूसरी ओर, कांग्रेस ने 61 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और उनमें से 6 को जीत मिली।
कई सीटों पर रोमांचक मुकाबले
कई विधानसभा क्षेत्रों में वोटों का अंतर इतना कम था कि रात भर परिणामों को लेकर उत्सुकता बनी रही।
चंपटिया में भाजपा के उमाकांत सिंह केवल 602 वोटों से हार गए।
फोर्ब्सगंज में भाजपा उम्मीदवार विद्या सागर केशरी को कांग्रेस के मनोज विश्वास ने 221 वोटों से हराया।
सहरसा में भाजपा के आलोक रंजन 2,038 वोटों से पीछे रहे।
राघोपुर सीट पर भाजपा के सतीश कुमार को तेजस्वी यादव ने 14,532 वोटों से मात दी।
वारिसलीगंज में भाजपा की अरुणा देवी को आरजेडी की अनीता ने 7,543 वोटों से हराया।
किशनगंज, बिस्फी और ढाका जैसी सीटों पर भी मुकाबला बेहद करीबी रहा।
कांग्रेस को 6 सीटों पर मिली जीत
भले ही कांग्रेस का कुल प्रदर्शन सीमित रहा, लेकिन उसकी जीत की 6 सीटों ने मुकाबले को दिलचस्प बनाया।
इनमें प्रमुख विजेता हैं:
सुरेंद्र प्रसाद,
अभिषेक रंजन,
मनोज बिश्वास,
अबिदुर रहमान,
कमरुल होदा,
मनोहर प्रसाद सिंह।
अररिया में अबिदुर रहमान ने 12,741 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि मनोहर प्रसाद सिंह ने 15,168 वोटों की बढ़त के साथ अपनी सीट सुरक्षित रखी।
भाजपा की जीत, लेकिन कुछ सीटों पर निराशा
एनडीए गठबंधन ने राज्य में शानदार प्रदर्शन किया, पर भाजपा के लिए यह चिंता का विषय रहा कि डज़नभर उम्मीदवार बहुत कम अंतर से हार गए। यह इस चुनाव का सबसे चर्चित पहलू बन गया है।

