रांची |
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस पहुंचेगा। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड सरकार राज्य के लिए एक ऐसा विकास मॉडल पेश करेगी, जो पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल टेक्नोलॉजी और उद्योग विस्तार पर आधारित होगा।
सरकार का फोकस केवल आर्थिक प्रगति पर नहीं बल्कि ग्रीन एनर्जी, क्लीन इंडस्ट्री और लोकल एम्पावरमेंट पर भी रहेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस में कई वैश्विक कंपनियों और निवेशकों से मुलाकात कर झारखंड में निवेश के नए रास्ते खोलने की कोशिश करेंगे।
🌱 झारखंड की नई पहचान
झारखंड अब सिर्फ खनिज संसाधनों के लिए नहीं, बल्कि गुड गवर्नेंस, सस्टेनेबल इंडस्ट्री और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए जाना जाना चाहता है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास ऐसा हो जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ हो।
💼 निवेश और रोजगार पर जोर
दावोस में होने वाली बैठकों के दौरान झारखंड सरकार मैन्युफैक्चरिंग, क्लीन एनर्जी, आईटी, स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स को प्रमोट करेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
🏛️ झारखंड पवेलियन बनेगा आकर्षण का केंद्र
दावोस में स्थापित होने वाला झारखंड पवेलियन राज्य की संस्कृति, निवेश संभावनाओं और औद्योगिक नीतियों को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर पेश करेगा। सरकार का मानना है कि इससे झारखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

