धनबाद:
केंदुआडीह कोलियरी इलाके में लगातार हो रहे जहरीली गैस के रिसाव और जमीन धंसने की घटनाओं ने धनबाद और बोकारो को जोड़ने वाले एनएच-18 (पूर्व में एनएच-32) के लिए नया खतरा खड़ा कर दिया है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों जिलों के बीच सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, जिसे आमतौर पर लाइफ लाइन रोड कहा जाता है।
पिछले कुछ दिनों से केंदुआडीह और उसके आसपास कई स्थानों पर गैस रिसाव, दरारों और संभावित भू-धंसान की सूचनाएं मिल रही हैं। इन घटनाओं को देखते हुए कोयला मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करने और सड़क की सुरक्षा की विस्तृत जांच करने का अनुरोध किया है।
मंत्रालय द्वारा भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते जोखिम का आकलन और रोकथाम के कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में सड़क का हिस्सा प्रभावित हो सकता है, जिससे यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियां अब मौके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और विशेषज्ञ टीमों से टेक्निकल रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।

