नई दिल्ली, :
दिल्ली में सोमवार शाम हुए भीषण विस्फोट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, धमाके में इस्तेमाल की गई हरियाणा नंबर की i-20 कार (HR 26CE 7674) को धमाके से पहले कनॉट प्लेस और मयूर विहार इलाके में देखा गया था। सुरक्षा एजेंसियां अब इन इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि कार को लाल किला के पास करीब तीन घंटे तक पार्किंग में खड़ा रखा गया था, जिसके बाद शाम 6:52 बजे इसमें जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां चपेट में आ गईं और इलाका दहल उठा।
अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक घायल हैं। कई घायलों की हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
प्राथमिक जांच से पता चला है कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर और फ्यूल ऑयल का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) मिलकर जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने रची थी।
इससे जुड़े मुख्य आरोपी के रूप में डॉ. उमर नबी बट (अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद) का नाम सामने आया है।
जांच की मुख्य बातें
धमाके में इस्तेमाल i-20 कार पहले कनॉट प्लेस और मयूर विहार में दिखी
कार को लाल किला के पास तीन घंटे तक पार्क किया गया था
विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल के इस्तेमाल की आशंका
NIA ने जांच अपने हाथ में ली
10 की मौत, 20 से अधिक घायल
️ पुलिस अधिकारी ने क्या कहा
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“यह धमाका पहले हुए किसी भी ब्लास्ट से अलग है। इस बार विस्फोटक में लोहे की कीलें या धातु के टुकड़े नहीं मिले हैं, जिससे पता चलता है कि बम किसी नए केमिकल फॉर्मूले से बनाया गया था।”
केंद्रीय एजेंसियां फिलहाल इस रासायनिक विस्फोटक की सटीक पहचान में जुटी हैं।

