
HIGHLIGHTS
- डायन कुप्रथा और बाल विवाह के खिलाफ धनबाद में जागरूकता कार्यशाला।
- उपायुक्त आदित्य रंजन ने कुप्रथाओं के उन्मूलन की शपथ दिलाई।
- स्वयं का बाल विवाह रोकने वाली अनुराधा कुमारी हुईं सम्मानित।

धनबाद:
डायन कुप्रथा उन्मूलन, बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान, मिशन शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़ी राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर न्यू टाउन हॉल, धनबाद में अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने उपस्थित सभी लोगों को महिलाओं की सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि डायन कुप्रथा और बाल विवाह जैसी प्रथाएं समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं, जिनका खात्मा जनभागीदारी से ही संभव है।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिले के सभी प्लस टू विद्यालयों में इस तरह की जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि डायन कुप्रथा या बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों पर जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इसके लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को और सशक्त किया जाएगा तथा सिटी हॉक टीम भी निगरानी रखेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने कहा कि बच्चियों को इस कुप्रथा से बचाने में माताओं की भूमिका सबसे अहम है।
वहीं उपाध्यक्ष सरिता देवी ने कहा कि बाल विवाह बच्चों से उनका बचपन और शिक्षा छीन लेता है।
उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने कहा कि समाज को कुप्रथाओं की गंभीरता समझनी होगी। उन्होंने बाल विवाह रोकने से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे ने इसे समाज के लिए अभिशाप बताते हुए जागरूकता को समाधान बताया।
स्वयं का बाल विवाह रोकने वाली अनुराधा कुमारी सम्मानित
कार्यक्रम में कुमारडीह की अनुराधा कुमारी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अनुराधा ने बताया कि 16 वर्ष की उम्र में ही परिवार द्वारा उनकी शादी तय कर दी गई थी। सामाजिक दबाव के बावजूद उन्होंने साहस दिखाते हुए झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट की मदद से अपना बाल विवाह रुकवाया।
अनुराधा ने अन्य लड़कियों से भी बाल विवाह का विरोध करने और अपने अधिकारों के लिए खड़े होने की अपील की।
कार्यशाला में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामूहिक विवाह एवं अंतिम संस्कार योजना, निःशक्त कल्याण योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
साथ ही मिशन शक्ति, डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 एवं महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे, विधायक राज सिन्हा, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, उपाध्यक्ष सरिता देवी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, यूनिसेफ प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिला कर्मी उपस्थित रहीं।

