धनबाद/गोविंदपुर: सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 5 के छात्र मंजूडा राय की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। परिजनों का आरोप है कि दो सहपाठियों द्वारा लगातार की जा रही मारपीट और प्रताड़ना के कारण बच्चे की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले भी स्कूल को शिकायत दी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मां का आरोप: “मेरे बेटे को बार-बार मारा गया, स्कूल ने अनदेखी की”
मृतक की मां चंपा राय ने बताया कि मंजूडा कई दिनों से स्कूल जाने से डर रहा था। वह अक्सर कहता था कि दो बच्चे उसके साथ मारपीट करते हैं। एक सप्ताह पहले बाथरूम में भी उसकी पिटाई हुई थी, जिसकी लिखित शिकायत शिक्षिका को दी गई थी। परिवार का कहना है कि स्कूल की लापरवाही ने ही उनके बेटे की जान ले ली।
स्कूल परिसर में पहुंचा शव, भीड़ ने किया विरोध प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव स्कूल लाया गया, स्थानीय लोग और परिजन गुस्से में फट पड़े। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल गेट के सामने शव रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी, शिक्षकों के निलंबन और स्कूल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस टीम तैनात की गई।
स्कूल की सफाई: “मौत स्कूल में नहीं हुई, मारपीट की घटना स्वीकार”
शिक्षिका कौशल बानो ने स्वीकार किया कि एक सप्ताह पहले छात्रों के बीच मारपीट हुई थी और उन्हें डांटा भी गया था। उन्होंने बताया कि स्कूल में स्टाफ की भारी कमी है—सिर्फ दो शिक्षकों पर 300 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं—जिससे बच्चों की निगरानी मुश्किल हो जाती है।
शिक्षक कमी पर गंभीर सवाल
विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि वर्षों से अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग से कोई नियुक्ति नहीं हुई। उनका आरोप है कि स्टाफ की कमी और प्रबंधन की लापरवाही इस घटना के लिए जिम्मेदार है।
FIR दर्ज, मामले की जांच जारी
गोविंदपुर थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

