खंडवा (मध्यप्रदेश): इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक शराबी पिता ने अपने दो मासूम बेटों को ट्रेन में अकेला छोड़ दिया। घटना कामायनी एक्सप्रेस की है। सौभाग्य से, यात्रियों ने बच्चों को ट्रेन में रोते-बिलखते देखा और तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को इसकी सूचना दी।
आरपीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रेन को बुरहानपुर स्टेशन पर रोका और दोनों बच्चों को सुरक्षित उतारा। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों की उम्र क्रमशः चार और सात वर्ष बताई गई। दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देश पर खंडवा के किलकारी शिशु गृह भेजा गया।
शिशु गृह में बच्चों की काउंसलिंग की गई, जहाँ पता चला कि उनकी मां का निधन तीन वर्ष पहले हो चुका है, और पिता लंबे समय से शराब के नशे में डूबा रहता है। परिवार खंडवा जिले से संबंधित है और फूलों की खेती का कार्य करता है।
आरपीएफ की टीम ने बच्चों के रिश्तेदारों से संपर्क साधा और एक सप्ताह की खोजबीन के बाद बच्चों को उनके परिवार से मिलवाया। इस मानवीय कदम के लिए यात्रियों और आरपीएफ की तत्परता की सराहना की जा रही है।
मुख्य बातें (Highlights):
कामायनी एक्सप्रेस में रोते मिले दो मासूम बच्चे
आरपीएफ ने बच्चों को बुरहानपुर स्टेशन पर उतारा
किलकारी शिशु गृह में बच्चों की काउंसलिंग के बाद मिला परिवार
मां का पहले ही हो चुका था निधन, पिता शराब का आदी
आरपीएफ और यात्रियों की त्वरित कार्रवाई से टली बड़ी दुर्घटना

