दुमका : झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन रहा, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को राज्य के पहले फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण परिसर का निरीक्षण किया और छात्रों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली आधुनिक सुविधाओं की जानकारी भी ली।
सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों के साथ सीएम ने लिखा—
“हमारे झारखंड का नौजवान हवाई जहाज में चढ़ेगा भी और हवाई जहाज उड़ाएगा भी।”
उनका यह संदेश प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।
क्या मिलेगा इस नए फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में?
सरकारी जानकारी के अनुसार, दुमका स्थित यह संस्थान युवाओं को निम्न प्रशिक्षण प्रदान करेगा—
पायलट ट्रेनिंग
एविएशन टेक्नोलॉजी
एयरक्राफ्ट मैनेजमेंट
ग्राउंड स्टाफ ट्रेनिंग
अत्याधुनिक सिमुलेटर और प्रशिक्षण विमान
अब तक झारखंड के छात्रों को पायलट प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों या विदेश जाने की मजबूरी थी। इस संस्थान के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही एविएशन क्षेत्र में करियर बनाना आसान होगा।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
सीएम ने कहा कि यह संस्थान न केवल रोजगार बढ़ाएगा, बल्कि झारखंड की एविएशन सेक्टर में पहचान को भी मजबूत करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को आधुनिक कौशल देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, दुमका और संताल परगना क्षेत्र में इस संस्थान की वजह से—
आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी
तकनीकी शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते बनेंगे
संस्थान के संचालन के लिए प्रशिक्षित ट्रेनर्स और आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। जल्द ही नियमित प्रशिक्षण बैच शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “झारखंड अब नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।” आने वाले समय में राज्य एविएशन क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकता है।

