ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट नीति के तहत साहिबगंज में बड़ा विकास कार्य शुरू होने जा रहा है। हाजीपुर दियारा और भीठा क्षेत्र में प्रस्तावित डोमेस्टिक एयरपोर्ट और एयर कार्गो हब की संभावनाओं का आकलन करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नई दिल्ली की 6 सदस्यीय टीम मंगलवार रात करीब 10:30 बजे साहिबगंज पहुंची।
टीम का नेतृत्व प्राधिकरण की अधिकारी मेघा रोहिल्ला कर रही हैं। सभी सदस्यों को नए सर्किट हाउस में ठहराया गया है।
आज सुबह 10:30 बजे स्थल निरीक्षण
डीसी हेमंत सती ने प्री-फिजिबिलिटी स्टडी के लिए आवश्यक समन्वय की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत और सदर सीओ बासुकीनाथ टुडू को सौंपा है।
अपर समाहर्ता के अनुसार टीम आज सुबह 10:30 बजे एयरपोर्ट के लिए चिह्नित क्षेत्र का दौरा करेगी।
कितनी जमीन चिह्नित हुई?
एयरपोर्ट और कार्गो हब के लिए 494.30 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की जमीन शामिल है।
टीम किन बिंदुओं की जांच करेगी?
आसपास पहाड़ी, घना जंगल या वन भूमि है या नहीं
बर्ड सेंचुरी जैसी संवेदनशील जगहें तो नहीं
राजस्व भूमि की स्थिति
कार्गो और रनवे निर्माण के लिए जमीन का उपयुक्तता परीक्षण
सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी की जांच
कार्गो हब बनने से बिहार–झारखंड को बड़ा फायदा
प्रस्तावित एयरपोर्ट को समदा स्थित मल्टी-मॉडल बंदरगाह से जोड़ने की योजना है। इसके लिए मरीन ड्राइव लिंक रोड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्या होगा फायदा?
दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि राज्यों से एयर कार्गो के जरिए सीधे साहिबगंज सामान भेजा जा सकेगा।
यहां से:
सड़क
रेल
जलमार्ग
के जरिए यूपी, बिहार और बंगाल के शहरों तक तेजी से माल पहुंचाया जा सकेगा।
यह पूर्वी भारत में कार्गो लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार देगा।
टाटा, धनबाद और बोकारो के यात्रियों के लिए खुशखबरी—पुरुलिया से उड़ानें जल्द
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में 80 साल पुराना एयरपोर्ट फिर से सक्रिय होने की तैयारी में है। सरकार यहां से 19 सीटर विमान उड़ाने की योजना बना रही है। सर्वे पूरा हो चुका है।
किसे मिलेगा फायदा?
पुरुलिया एयरपोर्ट चालू होने पर:
जमशेदपुर
धनबाद
बोकारो
के यात्रियों को भी हवाई सेवा आसानी से मिल सकेगी, क्योंकि तीनों शहर पुरुलिया के बेहद करीब हैं।

