श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ, जिसे गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का पहला वैष्णव मठ माना जाता है, अपने 550वें स्थापना वर्ष का भव्य उत्सव मना रहा है। इस अवसर पर भारत सरकार की हैदराबाद टकसाल द्वारा एक विशेष स्मारक सिक्का ढाला गया है। यह जानकारी प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लुणावत (बीकानेर) ने साझा की।
सिक्के की संरचना
सिक्के का वजन 35 ग्राम रखा गया है। इसमें धातुओं का अनुपात इस प्रकार है—
50% चांदी
40% तांबा
5% जस्ता
5% निकल
सिक्के का डिजाइन
पहला पक्ष (Obverse):
मठ के 550वें वर्ष के उत्सव का विशेष प्रतीक-चिन्ह
उदयमान सूर्य का अर्धवृत्ताकार चित्र
भीतर की परिधि में 24 नमस् व ‘धर्म दंड’ सहित पर्तगाळी मठ का चित्र
ऊपर उड़ते हुए हनुमान जी की आकृति
बाईं ओर चक्र, दाईं ओर शंख
नीचे अंग्रेज़ी में लिखा: “Shree Samsthan Gokarna Partagali Jeevottam Math”
ऊपरी परिधि पर हिंदी में और निचली परिधि पर अंग्रेज़ी में अंकित: “सार्ध पंचशतमनोत्सवः”
दूसरा पक्ष (Reverse):
अशोक स्तंभ (लायन कैपिटल)
इसके नीचे रुपये का चिन्ह और अंक: 550
दोनों ओर हिंदी और अंग्रेज़ी में लिखा: “भारत / INDIA”
सुधीर लुणावत ने बताया कि यह स्मारक सिक्का प्रचलन में नहीं आएगा, बल्कि केवल प्रधानमंत्री द्वारा अनावरण के बाद हैदराबाद टकसाल की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध होगा।
इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹5,500 रखी जा सकती है।
इससे पहले वर्ष 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर ₹550 का स्मारक सिक्का भी जारी किया गया था।

