11.5 C
Jharkhand
Friday, December 12, 2025

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी स्थापना सप्ताह का भव्य शुभारंभ, देशभर से आए विशेषज्ञों ने की संस्थान की सराहना

 

धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने बुधवार को अपने शताब्दी स्थापना सप्ताह का आगाज़ भव्य और गरिमापूर्ण माहौल में किया। संस्थान की 100 साल की उपलब्धियों, शोध योगदान और वैश्विक प्रतिष्ठा को देखते हुए यह आयोजन देशभर के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा ने समारोह का उद्घाटन किया और कहा कि आईआईटी (आईएसएम) पिछले एक शतक से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, मिनरल रिसर्च, एआई और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में संस्थान की अग्रणी भूमिका आने वाले वर्षों में और अधिक बढ़ने वाली है।

समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डीन (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) प्रो. रजनी सिंह ने किया, जिनकी एंकरिंग की मुख्य अतिथि ने विशेष प्रशंसा की।

आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि शताब्दी वर्ष सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य का संकल्प है। उन्होंने बताया कि संस्थान माइनिंग 4.0, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एआई, क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबिलिटी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व करने का लक्ष्य रखता है।

एमएनआईटी जयपुर के निदेशक प्रो. एन. पी. पाढ़ी, जिन्हें इस दौरान सम्मानित किया गया, ने 100 वर्ष की इस यात्रा को भारतीय तकनीकी इतिहास का प्रेरक अध्याय बताया।

ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर एंड्रयू एलेक्ज़ेंडर फ्लेमिंग ने कहा कि यूके–इंडिया विज़न 2035 के तहत आईआईटी (आईएसएम) और ब्रिटेन के संस्थानों के बीच सहयोग नई ऊँचाइयों को छू रहा है। उन्होंने TEXMiN–GEOTECH लैब की साझेदारी को भविष्य के लिए खासा महत्वपूर्ण बताया।

डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में क्वांटम टेक्नोलॉजी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और वुमन-लेड डेवलपमेंट को भारत की प्रगति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि आईआईटी (आईएसएम) के शोध और नवाचार देश के तकनीकी नेतृत्व को गति देंगे।

समारोह के बाद अतिथियों ने कई नई अत्याधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिनमें शामिल हैं—

वर्चुअल रियलिटी माइन सिम्युलेटर लैब

डिजिटल माइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लैब (Private 5G)

TEXMiN–GEOTEK ड्रिल कोर डिजिटाइजेशन लैब

बोर्ड एंड पिलर ट्रेनिंग गैलरी

लॉन्गवाल कोयला खदान प्रशिक्षण गैलरी

स्टार्टअप्स को सीड फंड सपोर्ट

साथ ही ज्ञान-विज्ञान प्रांगण का भी शुभारंभ किया गया, जहां एआई-आधारित इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, डिजिटल ट्विन, रोबोटिक्स, 3D मेटावर्स माइनिंग मॉडल और क्लीन एनर्जी इनोवेशन से जुड़े प्रदर्शन लगाए गए।

कार्यक्रम का समापन उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।

शताब्दी सप्ताह के दौरान शोध प्रदर्शनी, पूर्व छात्र मिलन, नवाचार शोकेस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

संबंधित स्टोरीज़

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग न्यूज़