नई दिल्ली:
राजधानी दिल्ली में हुए भीषण धमाके के बाद पूरे देश में चिंता की लहर दौड़ गई है। शुरुआती जांच में इसे आतंकी साजिश की संभावना मानते हुए गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय एजेंसियों को हाई-अलर्ट पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बेहद कठोर शब्दों में कहा कि “हमले के जिम्मेदार लोगों को ऐसी सजा दी जाएगी जो पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण होगी। भारत पर हमला करने की हिम्मत कोई दोबारा नहीं करेगा।”
मेवात कनेक्शन की जांच तेज
जांच एजेंसियों को संदेह है कि धमाके का संबंध हरियाणा के मेवात क्षेत्र से जुड़ा हो सकता है। इस कड़ी में दिल्ली पुलिस और अन्य जांच टीमें नूंह जिले के कई इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस इलाके में अवैध खनन के दौरान अमोनियम नाइट्रेट के उपयोग की खबरें मिली हैं—और धमाके में यही विस्फोटक होने की आशंका जताई जा रही है।
टीमें गांवों में संदिग्ध गतिविधियों की तलाश कर रही हैं और कई स्थानों से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं।
हमले पर राजनीति गरमाई
इस घटना ने राजनीतिक माहौल भी गर्म कर दिया है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि “धमाके के कई घंटे बाद इसे आतंकी हमला बताया गया, लेकिन पाकिस्तान पर एक भी टिप्पणी नहीं की गई। क्या पाकिस्तान की भूमिका के बिना भारत में ऐसा हमला संभव है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले के बयानों की तुलना में सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
सरकार का रुख स्पष्ट
केंद्र सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले तथ्यों को पूरी तरह पुष्ट किया जाएगा।
गृह मंत्रालय के अनुसार, “राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

