पटना/सारण:
सारण जिले की ऐतिहासिक मढ़ौरा चीनी मिल, जो पिछले 33 सालों से बंद पड़ी है, अब दोबारा शुरू होने की संभावनाओं से इलाके में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। बिहार सरकार ने हाल ही में राज्य में 25 नई चीनी मिलों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें मढ़ौरा चीनी मिल को प्राथमिक सूची में शामिल किया गया है।
स्थानीय लोगों, किसानों और मिल के पूर्व कर्मचारियों के बीच इस खबर के बाद उत्साह का माहौल है। दशकों से बंद इस मिल ने कभी हजारों लोगों को रोजगार दिया था, लेकिन बंद होने के बाद क्षेत्र की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी।
अगर सरकार की यह योजना अमल में आती है, तो—
स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा
गन्ना किसानों को नई बाजार सुविधा और स्थिर आय मिलेगी
सारण जिले में औद्योगिक विकास का अवसर बढ़ेगा
मढ़ौरा की पुरानी औद्योगिक पहचान फिर से जीवंत हो सकेगी
ग्रामीणों का कहना है कि यह मिल सिर्फ एक कारखाना नहीं, बल्कि मढ़ौरा की आर्थिक रीढ़ और पहचान रही है। अब एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है कि यह क्षेत्र नए विकास की ओर बढ़ेगा।

