Jharkhand High Court Order: जंगल से विस्थापितों को 2 महीनों में मिलेगी जमीन की रसीद
रांची, झारखंड:
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झारखंड हाई कोर्ट ने जंगल क्षेत्रों से विस्थापित ग्रामीणों के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जिन लोगों को पुनर्वास के तहत जमीन दी गई है, उन्हें 8 सप्ताह (लगभग 2 महीने) के भीतर जमीन की रसीद प्रदान की जाए।
यह आदेश बाघ संरक्षण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सरकार से कहा है कि 17 मार्च 2026 तक सभी विस्थापित परिवारों को जमीन की रसीद काटकर कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी जाए।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पुनर्वास स्थलों पर बसे लोगों को जल्द ही कानूनी दस्तावेज दिए जाएंगे ताकि उन्हें खेती और अन्य आजीविका के कामों में किसी तरह की परेशानी न हो।
अदालत ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) को भी निर्देश दिया है कि वे विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े सुझावों पर बैठक कर समाधान प्रस्तुत करें।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि जंगल के अंदर बसे गांवों को हटाकर बसाए गए लोगों को सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि आधार कार्ड, सरकारी योजनाएं और सभी मूलभूत सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।

