रांची: राजधानी रांची में स्लीपर बसों को लेकर जिला परिवहन विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। खादगढ़ा बस स्टैंड पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में कुल 21 स्लीपर बसों की गहन जांच की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को सख्त चेतावनी दी गई और कई बसों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने साफ किया कि चेसिस में एक्सटेंशन लगाकर बनाई गई बस बॉडी अब सड़कों पर नहीं चलेंगी। ऐसी बसों को तुरंत संचालन से हटाया जाएगा। अब हर बस का पंजीकरण केवल Form 22/22A और अप्रूव्ड टेस्ट एजेंसी की मंजूरी के बाद ही किया जाएगा।
🔥 अग्नि सुरक्षा पर सख्ती
स्लीपर बसों में FDSS (Fire Detection & Suppression System) लगाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। बस संचालकों को एक महीने का समय दिया गया है। साथ ही हर बस में कम से कम 10 किलो का फायर एक्सटिंग्विशर होना जरूरी होगा।
🚍 केबिन और बर्थ में बदलाव
जांच के दौरान कई बसों में ड्राइवर के केबिन में लगे पार्टीशन दरवाजे और बर्थ स्लाइडर पाए गए। अधिकारियों ने मौके पर ही इन्हें हटाने के निर्देश दिए ताकि इमरजेंसी के समय यात्रियों को बाहर निकलने में दिक्कत न हो।
🗂️ रजिस्ट्रेशन के लिए नई शर्तें
अब हर बस के रजिस्ट्रेशन के समय लेआउट ड्राइंग लगाना जरूरी होगा, जिसमें:
दरवाजों की स्थिति
इमरजेंसी एग्जिट
रूफ हैच
बस के पूरे आयाम
का स्पष्ट विवरण होगा।
🚨 यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
परिवहन विभाग ने बस मालिकों के साथ बैठक कर साफ कहा कि तय समय सीमा में सभी सुधार करने होंगे। नियमों का पालन नहीं करने पर भविष्य में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

