जेपी भारत डेस्कः झारखंड में स्थानीय शहरी निकाय चुनाव कराने को लेकर आज उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। यह सुनवाई पूर्व पार्षद रोशनी खलखो द्वारा दायर अवमानना याचिका पर की गई थी। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा और न्यायालय को सूचित किया कि चुनाव संबंधी सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं। सरकार ने अपनी तैयारी संबंधी निर्णय और संबंधित दस्तावेज़ों की प्रतियाँ भी न्यायालय को प्रस्तुत कीं।
वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सुमित गाड़ोदिया ने अपना पक्ष रखते हुए न्यायालय से अनुरोध किया कि निकाय चुनाव की संपूर्ण तैयारी के लिए उन्हें आठ सप्ताह का समय और निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए 45 दिन का समय चाहिए। इस तरह, आयोग ने न्यायालय से कुल साढ़े तीन महीने का समय देने का आग्रह किया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुना, जिसमें याचिकाकर्ता रोशनी खलखो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद सिंह ने भी अपना पक्ष रखा। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के आग्रह को लगभग स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तिथि 30 मार्च 2026 निर्धारित की। इस निर्णय से अब यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य निर्वाचन आयोग अगली सुनवाई की तिथि से पहले निकाय चुनाव संपन्न करा लेगा, जिससे यह साफ हो गया है कि अब राज्य में निकाय चुनाव फरवरी-मार्च 2026 में संभावित है। इस प्रकार, राज्य सरकार को 30 मार्च तक लगभग चार महीने का समय मिल गया है।

