कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) को लेकर गंभीर आपत्ति जताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया जाए। ममता बनर्जी का कहना है कि SIR “अनियोजित, दबाव डालने वाली और खतरनाक” है तथा इसे लागू करने के तरीके में कई गंभीर खामियां हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया बिना पर्याप्त प्रशिक्षण, तैयारी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के शुरू कर दी गई, जिससे अधिकारियों और नागरिकों दोनों के लिए भ्रम और कठिनाई पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को लेकर भी शुरुआत से ही अस्पष्टता बनी हुई है।
इस बीच, शुक्रवार सुबह कोलकाता और आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास था, जहां 5.7 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया। झटकों के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए, लेकिन कहीं से किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली।
भूकंप के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई। पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि “क्या यह भूकंप भी SIR प्रक्रिया की वजह से आया?”
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब SIR को लेकर राज्य सरकार और बीजेपी के बीच जुबानी जंग लगातार तेज हो रही है।
बीजेपी का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस कानूनी SIR प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि वह “धोखाधड़ी से बने मतदाता आधार” की रक्षा करना चाहती है। वहीं, ममता बनर्जी का कहना है कि इस प्रक्रिया को ठीक से तैयार किए बिना लागू करने से पूरे प्रशासनिक ढांचे में अराजकता फैल गई है।

