Highlights
- कोलकाता में निपाह वायरस से संक्रमित दो नर्सों में से एक की हालत में सुधार
- पुरुष नर्स का बुखार उतरा, चलने-फिरने में सक्षम
- महिला नर्स अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर
- स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाई
पूरी खबर
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): निपाह वायरस को लेकर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से राहत और चिंता दोनों तरह की खबर सामने आई है। शहर में सबसे पहले जिन दो नर्सों में निपाह वायरस की पुष्टि हुई थी, उनमें से पुरुष नर्स की हालत अब बेहतर बताई जा रही है, जबकि महिला नर्स की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वह अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पुरुष नर्स का बुखार उतर गया है, खिंचूनी नहीं हो रही है और वह अब सहारे से चल-फिर पा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वह इलाज का अच्छा रिस्पॉन्स दे रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, संक्रमित महिला नर्स की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी नर्वस सिस्टम से जुड़ी दिक्कत गंभीर है, हालांकि ऑक्सीजन की जरूरत पहले से कुछ कम हुई है। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग अब भी यह पता लगाने में जुटा है कि दोनों नर्स कैसे संक्रमित हुए। उत्तर 24 परगना के अलग-अलग इलाकों से खजूर के रस (ताड़ी) के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और चमगादड़ों पर भी सर्वे की तैयारी चल रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि निपाह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ की लार या शरीर से निकले तरल पदार्थ से फैलता है। कुछ मामलों में यह संक्रमित व्यक्ति से दूसरे लोगों में भी फैल सकता है।
फिलहाल लोगों को ताजा खजूर का रस न पीने, गिरे हुए फल न खाने और फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाने की सलाह दी गई है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वालों को आइसोलेशन में रखा जा रहा है।

