रांची, 12 नवंबर 2025
झारखंड में आतंक से जुड़ी गतिविधियाँ एक बार फिर चर्चा में हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अब आतंकवादी संगठन सोशल मीडिया को अपने प्रचार और युवाओं की ब्रेनवॉशिंग के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
सोशल मीडिया बना ‘डिजिटल हथियार’
इंडियन मुजाहिदीन और सिमी जैसे संगठनों के स्लीपर सेल साल 2006-07 से ही राज्य में सक्रिय थे। अब अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS), हिज्ब उत तहरीर, और जमायत उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) जैसे संगठन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी विचार फैला रहे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ये ग्रुप्स युवाओं को जिहाद के नाम पर भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉक्टर से बना आतंकी मॉड्यूल संचालक
रांची के एक नामी रेडियोलॉजिस्ट डॉ. इश्तियाक अहमद को अलकायदा मॉड्यूल से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। वह सोशल मीडिया के जरिये विदेशी हैंडलर्स से जुड़ा और रांची में AQIS नेटवर्क तैयार करने में सक्रिय था। बताया गया कि उसने राजस्थान के भिवंडी में ट्रेनिंग कैंप भी आयोजित किया था।
अशहर दानिश – देशव्यापी नेटवर्क का मास्टरमाइंड
रांची में रहकर सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाला अशहर दानिश अब देशभर में फैले आतंकी नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। छापेमारी में उसके पास से केमिकल हथियार बनाने वाले उपकरण भी मिले। सोशल मीडिया के माध्यम से ही उसने कई युवाओं को जोड़ा था।
आईएसआईएस से संपर्क में फैजान अंसारी
रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज का पूर्व छात्र फैजान अंसारी अलीगढ़ में पढ़ाई के दौरान कट्टरपंथियों के संपर्क में आया। एनआईए ने उसे और उसके साथी राहुल सेन उर्फ उमर बहादुर को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि फैजान आईएसआईएस से जुड़कर ऑनलाइन प्रचार में सक्रिय था।
संताल में JMB समर्थक सक्रिय
संताल परगना क्षेत्र में खुफिया एजेंसियों ने सैकड़ों ऐसे लोगों की पहचान की है जो जमायत उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से प्रभावित हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल जनवरी में एक बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल मम्मुन ने पाकुड़ में गुप्त ट्रेनिंग दी थी।
पूर्व में बड़े हमलों से कनेक्शन
झारखंड से जुड़े मॉड्यूल्स पर पहले भी कई बड़े आतंकी हमलों का आरोप लग चुका है। साल 2013 में पटना में नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान हुए ब्लास्ट और बोधगया धमाके में भी रांची मॉड्यूल की संलिप्तता सामने आई थी।

