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Saturday, February 14, 2026

झरिया में STP परियोजना पर विरोध तेज, पेटिया बस्ती पहुंचे डुमरी विधायक जयराम महतो

 

झरिया क्षेत्र के भागाबांध ओपी अंतर्गत जीतपुर जोड़िया स्थित पेटिया बस्ती में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी रैयती और आबादी वाली जमीन पर बिना सहमति के परियोजना का काम शुरू किया जा रहा है, जिससे उनका जीवन, स्वास्थ्य और आजीविका सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए डुमरी के विधायक जयराम महतो खुद पेटिया बस्ती पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

विधायक के पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जमीन पर STP का निर्माण प्रस्तावित है, वह उनकी पुश्तैनी रैयती जमीन है, जहां कई परिवार वर्षों से रह रहे हैं। बिना पूर्व सूचना और सहमति के निर्माण कार्य शुरू किया जाना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि STP जैसे बड़े प्रोजेक्ट से बदबू, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ेंगी। इसके अलावा खेती, पशुपालन और छोटे व्यापार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा। लोगों ने विधायक से आग्रह किया कि जब तक जमीन विवाद का समाधान नहीं हो जाता, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए।

मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक जयराम महतो ने मौके से ही पूटकी अंचल अधिकारी विकास आनंद से दूरभाष पर बात की और निर्देश दिया कि ग्रामीणों की जमीन से जुड़े विवाद का निष्पक्ष समाधान होने तक बाउंड्री वॉल सहित सभी निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि जनता की सहमति के बिना किसी भी परियोजना को आगे बढ़ाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

विधायक ने यह भी कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिससे लोगों को नुकसान न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की बात कही।

इस बीच नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार ने बयान देते हुए कहा कि प्रशासन ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और सभी पक्षों से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल बाउंड्री वॉल का कार्य किया जा रहा है और किसी भी नागरिक को जानबूझकर परेशान नहीं किया जा रहा है।

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे संतुष्ट नहीं होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जमीन के कागजात की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और उनकी सहमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए।

फिलहाल पेटिया बस्ती में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप से ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इस विवाद का शांतिपूर्ण और न्यायसंगत समाधान निकलेगा।

यह मामला केवल STP परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाता है कि क्या विकास कार्यों में आम लोगों की सहमति और अधिकारों को प्राथमिकता दी जा रही है या नहीं। पेटिया बस्ती के ग्रामीणों का संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है।

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