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रांची:
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दावोस (स्विट्ज़रलैंड) यात्रा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि मुख्यमंत्री के विदेश दौरे का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए — जिसमें यात्रा का उद्देश्य, खर्च और निवेश से जुड़े समझौते शामिल हों।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व पर मुख्यमंत्री का राज्य में मौजूद न रहना संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर राज्य के सर्वोच्च पदाधिकारी की उपस्थिति का संवैधानिक और प्रतीकात्मक महत्व होता है।
दावोस में रुकने पर उठे सवाल
मरांडी ने बताया कि दावोस का आधिकारिक कार्यक्रम 23 जनवरी को समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बाद भी मुख्यमंत्री और उनके साथ गए कुछ वरिष्ठ अधिकारी विदेश में ही रुके रहे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनता को यह बताया जाए कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद वहां रुकने का क्या कारण था।
एमओयू और निवेश पर पारदर्शिता की मांग
उन्होंने दावोस में हुए निवेश एमओयू पर भी सवाल खड़े किए। मरांडी के अनुसार, कुछ समझौते ऐसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े बताए जा रहे हैं, जो पहले से ही झारखंड में चल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि दावोस यात्रा से राज्य को क्या नया और ठोस लाभ मिला है।
मरांडी ने कहा कि बड़े-बड़े दावों और प्रचार के बीच जनता पारदर्शिता चाहती है। इसलिए सरकार का दायित्व है कि विदेश यात्राओं, बैठकों और निवेश प्रस्तावों से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करे।
प्रेस वार्ता में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

