बोकारो। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और उसके कर्मचारियों के बीच वेतन पुनरीक्षण का विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। INTUC ने आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधन 39 माह के बकाया एरियर का भुगतान करने के पक्ष में नहीं है। इसी मुद्दे पर 9 दिसंबर को दिल्ली में NJCS सब-कमेटी की बैठक होने वाली है, लेकिन यूनियन का दावा है कि यह बैठक सिर्फ एक औपचारिकता होगी।
INTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीवा रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2021 में वेतन पुनरीक्षण को लेकर MOU होने के बावजूद अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और NJCS के नेताओं की लापरवाही के कारण कर्मचारी अब भी पुराने वेतनमान पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब कंपनी भारी मुनाफे पर थी, तब कर्मचारियों ने 39 माह का एरियर एकमुश्त देने की जगह किस्तों में भुगतान की मांग की, लेकिन इसके बाद भी SAIL ने भुगतान से साफ इंकार कर दिया।
उनके अनुसार, संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों का सीधा लाभ SAIL प्रबंधन उठा रहा है।
INTUC का दावा है कि 9 दिसंबर की बैठक में प्रबंधन लेबर कमिश्नर के आदेश का पालन दिखाने के लिए सिर्फ औपचारिक बातचीत करेगा, लेकिन नतीजा निकलने की संभावना बहुत कम है।
अधिकारियों का अगला वेतन पुनरीक्षण रास्ते पर, कर्मचारी अभी भी इंतजार में
SAIL में कर्मचारियों का अंतिम वेतन समझौता 1 जनवरी 2017 को हुआ था, जिसे अब 10 साल के अंतराल पर लागू करने की सहमति बनी है।
इसी आधार पर 1 जनवरी 2027 से अधिकारियों और कर्मचारियों दोनों का अगला पे रिवीजन एक साथ होना तय है।
लेकिन कर्मचारियों का वर्तमान (2017 से लंबित) पे रिवीजन अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
जबकि अधिकारी वर्ग अगले वेतन पुनरीक्षण के लिए अपनी डिमांड फाइनल करने की तैयारी में जुट चुका है।
INTUC का कहना है कि जब तक 2017 का लंबित पुनरीक्षण पूरा नहीं होता, 2027 का अगला पे रिवीजन आगे नहीं बढ़ सकता, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

