रांची : शहीद स्मृति सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय में “भारतीय ज्ञान परंपरा में जनजातीय समाज का योगदान” विषय पर एक दिवसीय विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्या विकास समिति, झारखंड और आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, कुदलुम (रांची) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्या भारती के उपाध्यक्ष अवनीश भटनायक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने जनजातीय समाज की लोक परंपराओं, शिक्षा, कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा में उनके योगदान पर विस्तृत विचार प्रस्तुत किए।
मुख्य अतिथि अवनीश भटनायक ने अपने संबोधन में कहा कि “जनजातीय समाज की जीवनशैली भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उनकी सादगी, प्रकृति प्रेम और सामुदायिक एकता आज के समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।”
वहीं, कॉलेज के प्राचार्य रामकेश पांडेय ने कहा कि “भारतीय ज्ञान परंपरा को समझे बिना शिक्षा अधूरी रहती है। हमें अपने शैक्षिक दृष्टिकोण में भारतीयता और परंपरा के मूल्यों को शामिल करना चाहिए।”
इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक गीत और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

