झरिया: पानी, बिजली और रोजगार जैसी मूलभूत जरूरतों को लेकर झरिया के पोथी सेंटर, मुंडा बस्ती, कलाली रोड, हरीपुर सेंटर, नई दिल्ली, ब्राइट कुसुंडा और इंदिरा बस्ती के लोगों में गहरा आक्रोश है। वर्षों से समस्याओं का समाधान न होने से ग्रामीण विश्वकर्मा प्रोजेक्ट प्रबंधन और बीसीसीएल के खिलाफ विरोध तेज कर रहे हैं।
शुक्रवार को युवा बेरोजगार मंच की पहल पर ग्रामीणों और बस्ताकोला प्रबंधन के बीच बैठक हुई। बैठक में स्थानीय युवाओं को रोजगार, नियमित पेयजल आपूर्ति, स्थाई बिजली कनेक्शन और क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों को शामिल करते हुए चार सूत्रीय मांगें रखी गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रबंधन की ओर से केवल “मौखिक आश्वासन” मिला है, जिस पर अब भरोसा करना मुश्किल हो गया है।
युवा बेरोजगार मंच के सचिव अभिषेक सिंह उर्फ़ ढोलक सिंह ने कहा:
“प्रबंधन लगातार वादा तोड़ रहा है। अगर इस बार भी आश्वासन पूरा नहीं हुआ, तो गांव के लोग बड़े आंदोलन को तैयार हैं। फिलहाल 13 दिसंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना स्थगित किया गया है, लेकिन धोखा मिला तो उग्र प्रदर्शन होगा।”
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन आपस में लोगों को बांटकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, जबकि क्षेत्र में पानी, बिजली और रोजगार की किल्लत लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ठोस पहल नहीं की गई, तो झरिया क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।

