रांची: झारखंड की सियासत में अचानक हलचल बढ़ गई है। महागठबंधन के भीतर टूट की अटकलों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। कहा जा रहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कांग्रेस का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ नई सरकार बना सकता है।
सूत्रों के अनुसार, सीएम हेमंत सोरेन दिल्ली में पत्नी के साथ मौजूद हैं, जिससे राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिल रही है।
बिहार चुनाव से भी जुड़ा विवाद
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को मिली बड़ी हार का असर अब झारखंड की राजनीति में देखने को मिल रहा है।
बिहार चुनाव के दौरान JMM को एक भी सीट नहीं दी गई थी, जिसे लेकर पार्टी ने नाराजगी जताई थी। अब इसी नाराजगी को झारखंड की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
अगर JMM कांग्रेस को छोड़ दे तो क्या होगा नया समीकरण?
झारखंड विधानसभा में कुल 81 सीटें हैं, और 2024 में हुए चुनावों में महागठबंधन ने बड़ी जीत दर्ज की थी:
JMM – 34 सीटें
कांग्रेस – 16 सीटें
राजद – 4 सीटें
लेफ्ट – 2 सीटें
कुल – 56 सीटें
अगर JMM महागठबंधन से अलग होकर BJP के साथ आता है, तो दोनों मिलाकर:
JMM – 34 सीटें
BJP – 20 सीटें
➡️ कुल = 54 सीटें
झारखंड में सरकार बनाने के लिए सिर्फ 42 सीटों की जरूरत होती है।
इस हिसाब से JMM + BJP आसानी से सरकार बना सकते हैं।
पूरा NDA साथ आए तो क्या होगा?
अगर NDA के बाकी दल भी JMM का समर्थन करते हैं:
JMM – 34
BJP – 20
AJSU – 1
LJP – 1
JDU – 1
➡️ कुल = 57 सीटें
यह आंकड़ा झारखंड में बेहद मजबूत सरकार सुनिश्चित कर सकता है।
हालाँकि JMM की ओर से अभी तक औपचारिक रूप से किसी तरह की राजनीतिक बदलाव की संभावना से इनकार किया गया है, लेकिन राज्य की राजनीति में तेज होती हलचल से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़ा फेरबदल संभव है।

