बोकारो: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कंपनी ने कर्मचारियों के कार्य-प्रदर्शन के आधार पर सेवा जारी रखने या सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था वर्ष 2026 से लागू की जाएगी।
सेल मुख्यालय, नई दिल्ली से जारी निर्देश के अनुसार सभी इस्पात संयंत्रों में कर्मचारियों के कामकाज का मूल्यांकन किया जाएगा। जो अधिकारी या कर्मचारी प्रबंधन की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें सेवा से विमुक्त किया जा सकता है।
मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा। बोकारो, दुर्गापुर, बर्नपुर, राउरकेला और भिलाई इस्पात संयंत्र में यह कमेटी एक अधिशासी निदेशक, एक मुख्य महाप्रबंधक और मुख्य महाप्रबंधक (कार्मिक) की होगी। अन्य इकाइयों में दो मुख्य महाप्रबंधक और कार्मिक विभाग के प्रमुख को शामिल किया जाएगा।
कर्मचारियों का आकलन कार्य-प्रदर्शन, सीसीआर ग्रेड, दैनिक उपस्थिति और अनुशासनात्मक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा। जिन कर्मियों को बीते चार वर्षों में सी या बी ग्रेड मिला है, या जो बिना अनुमति लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहे हैं, अथवा जिन पर मेजर या माइनर दंड लगे हैं, उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हालांकि, प्रभावित कर्मियों को अपील कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाएगा। मूल्यांकन की समयसीमा 30 जून 2026 से 31 मार्च 2027 तक तय की गई है। साथ ही, 30, 50 और 55 वर्ष की सेवा आयु वाले कर्मचारियों पर प्रबंधन की खास नजर रहेगी।

