हजारीबाग (झारखंड): उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के मुख्यालय हजारीबाग में कमिश्नर का पद पिछले डेढ़ महीने से खाली पड़ा है। 31 दिसंबर 2025 को तत्कालीन आयुक्त पवन कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद अब तक किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर पूरे प्रमंडल के प्रशासनिक और विकास कार्यों पर देखने को मिल रहा है।
उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिले आते हैं। इन सातों जिलों में विकास योजनाओं की समीक्षा, विभागीय समन्वय और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी आयुक्त कार्यालय की होती है। लेकिन पद खाली रहने से योजनाओं की मॉनिटरिंग कमजोर पड़ गई है।
बीते डेढ़ महीने से प्रमंडलीय स्तर पर कोई बड़ी प्रशासनिक बैठक नहीं हो पाई है। इससे कानून व्यवस्था, भूमि विवाद, अपील और न्यायालयीन मामलों पर भी असर पड़ा है। आयुक्त न्यायालय से जुड़े कई मामले लंबित हैं, जिनमें आम लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा।
फरवरी और मार्च में आने वाले त्योहारों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि आमतौर पर इनसे पहले प्रमंडलीय समीक्षा बैठक होती है। सूत्रों के अनुसार, नगर निकाय चुनाव के कारण लगी आचार संहिता को नई नियुक्ति में देरी की वजह माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक हलकों में यह मांग तेज हो गई है कि सरकार जल्द से जल्द नए कमिश्नर की नियुक्ति करे, ताकि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल का प्रशासनिक ढांचा फिर से गति पकड़ सके।

