झारखंड में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। हालांकि, इस पर्व के बीच कई घरों में मातम छा गया। सोमवार और मंगलवार को अलग-अलग जिलों में जलाशयों, तालाबों और नदियों में डूबने से कुल 25 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कई बच्चे भी शामिल हैं।
राज्य के कई जिलों से हादसों की खबरें सामने आईं —
गिरिडीह जिले में सबसे ज़्यादा सात लोगों की मौत हुई।
हजारीबाग और सिमडेगा में चार-चार लोगों ने अपनी जान गंवाई।
चांडिल (जमशेदपुर) में तीन,
कोडरमा और देवघर में दो-दो,
जबकि गढ़वा, चतरा और रांची में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड में एक ही परिवार की दो बहनों समेत चार लोगों की मौत हुई। वहीं सिमडेगा के बानो प्रखंड में भी चार बच्चियां तालाब में डूब गईं। इसी तरह चतरा जिले में दानरो नदी के घाट पर एक किशोर और प्रतापपुर में एक अधेड़ व्यक्ति की जान चली गई।
गिरिडीह जिले के जमुआ, धनवार और बिरनी क्षेत्रों से भी कई लोगों की डूबने से मौत की सूचना मिली है।
इन सभी घटनाओं से पूरे राज्य में गम का माहौल है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि छठ पूजा या किसी भी जलाशय में स्नान के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें और बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें।

