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Thursday, December 11, 2025

बाल विवाह के खिलाफ झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट का अनोखी पहल धार्मिक स्थलों में लगाए जा रहे है बोर्ड

 

 

कतरास: : धनबाद जिले में बाल विवाह की कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए एक अनूठा और प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत,आज कतरास क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जागरूकता संदेश वाले बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जिनमें बाल विवाह न करने का आह्वान किया गया है। यह पहल जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन नेटवर्क, प्रशासन और झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिसका उद्देश्य धार्मिक नेताओं, पुजारियों और मौलवियों की मदद से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के संस्थापक सह निदेशक शंकर रवानी ने बताया कि उनकी टीम ने जिले के लगभग 30 प्रमुख मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और गिरजाघरों में सूचना बोर्ड लगाए जा रहा है, इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है, जिसके लिए दो साल की जेल और ₹1 लाख का जुर्माना हो सकता है।

इस पहल में राम मंदिर, चिटाही, माँ नीलकंठ वासिनी, लिलोरी मन्दिर कतरास, ,भटमुरना,आदि जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल शामिल हैं। संस्था का मानना है कि धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल जागरूकता फैलाने के लिए एक शक्तिशाली माध्यम हो सकता है, क्योंकि लोग इन स्थानों पर श्रद्धा और विश्वास के साथ आते हैं।

यह अभियान न केवल कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दे रहा है, बल्कि यह समाज में यह संदेश भी फैला रहा है कि धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं में बाल विवाह का कोई स्थान नहीं है। इस प्रयास से धार्मिक स्थलों के परिसर को बाल विवाह मुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

इस अभियान में झारखण्ड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के विनोद महतो,दीपा रवानी,मुमताज अंसारी,गुलनाज बानो

जैसे कार्यकर्ता सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह टीम धार्मिक नेताओं के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि यह महत्वपूर्ण संदेश हर जरूरतमंद तक पहुंचे।

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