गिरिडीह (Jharkhand):
जमुआ थाना क्षेत्र के चचघरा गांव में मंगलवार की सुबह पत्थर माइंस को दोबारा शुरू करने को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प और गोलीबारी हुई। घटना में दो लोगों को गोली लगी, जिनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।
मृतक की पहचान सुरेश (निवासी चचघरा) के रूप में हुई है, जो माइंस में कार्यरत था। वहीं दलिया गांव के अरविंद वर्मा गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
घटना का कारण
जानकारी के अनुसार, यह पत्थर माइंस पिछले दो सालों से बंद थी। माइंस संचालक इसे दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहा था, जबकि स्थानीय ग्रामीण इसका विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि माइंस शुरू होने से पेयजल की समस्या और पर्यावरण को नुकसान होगा।
तनाव सोमवार रात से ही बढ़ने लगा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि माइंस संचालक ने बाहरी गुंडों को बुलाकर डराने-धमकाने की कोशिश की, जिसके बाद मंगलवार सुबह हिंसा भड़क गई और गोलियां चलीं।
पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। गांव में फिलहाल अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
पुलिस के अनुसार, सुरेश की मौत गोली लगने से हुई या मारपीट से — इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा।
️ ग्रामीणों के आरोप
घायल अरविंद के पिता सुखदेव महतो ने बताया कि माइंस संचालक ने नवादा (बिहार) से गुंडों को बुलाया था। उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह जब अरविंद खेत से धान ला रहा था, तो माइंस के लोगों ने उस पर गोली चला दी।
अन्य घायलों में रीतालाल प्रसाद वर्मा समेत चार लोग शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है।

